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बुधवार, 8 फ़रवरी 2017

ग़ज़ल सम्राट स्व॰ जगजीत सिंह साहब की ७६ वीं जयंती


आज ८ फरवरी है ... आज ग़ज़ल सम्राट स्व॰ जगजीत सिंह साहब की ७६ वीं जयंती है ... जगजीत सिंह जी किसी परिचय के मोहताज नहीं ... गुलजार साहब उनके बारे मे कुछ यूं बयां करते है ...
 
एक बौछार था वो -

एक बौछार था वो शख्स
बिना बरसे
किसी अब्र की सहमी सी नमी से
जो भिगो देता था

एक बौछार ही था वो
जो कभी धूप की अफ़शां भर के दूर तक
सुनते हुए चेहरों पे छिड़क देता था...
नीम तारीक से हॉल में आँखें चमक उठती थीं

सिर हिलाता था कभी झूम के टहनी की तरह
लगता था झोंका हवा का है
कोई छेड़ गया है..

गुनगुनाता था तो खुलते हुए बादल की तरह
मुस्कुराहट में कई तर्बों की झनकार छुपी थी

गली क़ासिम से चली एक ग़ज़ल की झनाकर था वो
एक अवाज़ की बौछार था वो 
 


ग़ज़ल सम्राट स्व ॰ जगजीत सिंह साहब को शत शत नमन !

5 टिप्‍पणियां:

  1. नमन। जगजीत सिंह जिन्दा हैं अपनी ग़जलों में ।

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  2. आपकी इस पोस्ट को आज की बुलेटिन ब्लॉग बुलेटिन - जगजीत सिंह जी की 76वीं जयंती में शामिल किया गया है। कृपया एक बार आकर हमारा मान ज़रूर बढ़ाएं,,, सादर .... आभार।।

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  3. आपकी लिखी रचना "मित्र मंडली" में लिंक की गई है .. http://rakeshkirachanay.blogspot.in/2017/02/6.html पर आप सादर आमंत्रित हैं ....धन्यवाद!

    उत्तर देंहटाएं
  4. शत् शत् नमन् आवाज़ के जादूगर को।

    उत्तर देंहटाएं
  5. ग़ज़ल -सम्राट स्वर्गीय जगजीत सिंह की यादें ताज़ा करती एक भावुक प्रस्तुति. बधाई.

    उत्तर देंहटाएं

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